दिल समझे ना, समझाने से,
ये पागल तुझको ही चाहे
लाख छुपाऊँ दुनिया से,
हर धड़कन में तेरा याद रहे
ना जाने क्यों तुझसे इश्क़ हुआ,
ना जाने क्यों तुझमें दिल खोया
मैं तुझको पाया नहीं कभी,
फिर क्यों तुझे खोने से दिल रोए
दिल समझे ना, समझाने से,
ये पागल तुझको ही चाहे
मैं लाख दफ़ा खुद से दूर हुआ,
पर तुझसे दूर न हो पाए
तेरी हँसी से हो सुबह मेरी,
तेरी यादों से शाम ढले
तू पास रहे तो साँस चले,
तू दूर रहे तो दिल भी जले
तेरे होने से रंग थे सारे,
तेरे बिन सब वीराने
जो ख़्वाब तेरे संग देखे थे,
अब आँखों में बस पानी है
मैं फूलों से तेरा ज़िक्र करूँ,
हर फूल तेरा चेहरा दिखाए
मैं रातों से तुझको माँगूँ तो,
चाँद भी मुझ पर तरस खाए
दिल समझे ना, समझाने से,
ये पागल तुझको ही चाहे.
तू शाम बने, मैं ढल जाऊँ,
तू ख़्वाब बने, मैं सो जाऊँ
तू बन जाए मेरी आख़िरी दुआ,
मैं बनकर दुआ में खो जाऊँ
तू समाँ बने, मैं परवाना,
जलना ही मेरा काम रहे
तू मेरी हो या ना हो लेकिन,
लब पर तेरा ही नाम रहे
तेरी साँसों की खुशबू बनकर,
तेरे हर पल में रह जाऊँ मैं
तू भूल भी जाए मुझको अगर,
पर तुझको कैसे भुलाऊँ मैं
ये कैसी मोहब्बत है मेरी,
जिसमें तुझसे कुछ माँगा नहीं
तुझको अपना कहने की ख़ातिर,
मैंने तुझ पर हक़ भी जताया नहीं
दिल समझे ना, समझाने से,
ये पागल तुझको ही चा
तेरी एक झलक की ख़ातिर,
कितनी रातें जागा हूँ
सबके आगे हँसता हूँ मैं,
तन्हाई में टूटा धागा हूँ
तेरा नाम लिखूँ हथेली पर,
फिर ख़ुद ही उसको मिटाता हूँ
तू पढ़ ना सके ख़त आँखों के,
इसलिए नज़रें झुकाता हूँ
कितनी बातें कहनी थीं तुझसे,
कितने लफ़्ज़ अधूरे है
तू सामने हो फिर भी लगता,
हम एक-दूजे के बिन कितने अधूरे हैं
तेरी बाहों में सोने का,
अब ख़्वाब भी ख़्वाब ही रहता है
जिस दिल में तू रहती है,
वो दिल तुझसे कुछ ना कहता है
मैं तुझको पुकारूँ भी तो कैसे,
जब तुझ पर मेरा नाम नहीं
तू मेरी दुनिया है जान-ए-जाँ,
पर तुझ पर मेरा अधिकार नहीं
दिल समझे ना, समझाने से,
ये पागल तुझको ही चाहे
कभी मेरी याद सताए तो,
ख़ुद को तन्हा मत कर लेना
मेरे हिस्से के आँसू भी,
अपनी आँखों में मत भर लेना
मैंने चाहा है तुझको ऐसे,
जैसे कोई दुआ को चाहे
मिल जाए तो शुक्र मनाए,
ना मिले तो भी सिर झुकाए
तू पूछे कभी कि क्या था मैं,
तेरी ज़िंदगी की राहों में
कह देना एक मुसाफ़िर था,
जो खो गया तेरी चाहों में
और अगर कभी ये सोचो तुम,
क्या सच में इतना प्यार था
तो याद रखना, तेरे जाने पर भी,
मेरे दिल में तेरा संसार था
शालू, तुम समझो इश्क़ मेरा,
ये कोई झूठा अफ़साना नहीं
तुझको पाने की ज़िद होती,
तो इश्क़ मेरा इश्क़ होता नही
तू आज़ाद रहे, गगन को छुए,
तेरे ख़्वाबों को पर मिल जाएँ
तेरी राहों में फूल खिलें,
तेरे सारे ग़म मिट जाएँ
मेरी किस्मत में तू ना सही,
तेरी किस्मत में खुशियाँ हों
मेरे हिस्से में रातें आएँ,
तेरे हिस्से में सुबहें हों
मैं तुझको भूल भी जाऊँ शायद,
पर चाहत कैसे भुलाऊँगा
तू किसी और की दुनिया होगी,
मैं तुझसे दूर कैसे जाऊँगा
जब तेरी माँग में रंग सजे,
जब तेरी दुनिया आबाद रहे
मेरी आँखों में नमी रहे,
पर होंठों पर तेरी फ़रियाद रहे
तू कभी लौटकर आए ना आए,
मैं तुझसे कोई सवाल ना करूँ
तू खुश है, बस इतना काफ़ी है,
मैं अपने दर्द का ख्याल न करूं
दिल समझे ना, समझाने से
ये पागल तुझको ही चाहे
तू मेरी थी ही कब, ऐ दिल,
फिर किस बात पे आँसू आएँ
तुझे माँगा था रब से मैंने,
तुझ पर अपना हक़ नहीं
तू मेरी सबसे प्यारी चाहत,
पर तुझसे बढ़कर तेरी खुशी
दिल समझे ना
समझाने से
मैं तुझे भूलूँ या ना भूलूँ,
ये फ़ैसला वक़्त करेगा
पर तुझसे सच्चा प्यार किया है,
ये दिल आख़िरी दम तक कहेगा
दिल समझे ना
समझाने से
ये पागल
तुझको ही चाहे
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