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शिव चरित्र

                
                                                         
                            शिव है एक चरित्र ऐसा, जो है बड़ा विरल।
                                                                 
                            
ध्यान में बैठा आँखें मूँदे, लगता बड़ा सरल।
नाचे योगी मस्ती में जब, लगता बहता तरल।
तन पर पहने राख दुशाला, लगे सफ़ेद मरल।
नीलकंठ हैं कहते उनको, क्योंकि कंठ में उनके गरल।
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एक दिन पहले

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