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‘पढ़ाई के लिए’

                
                                                         
                            अगर परीक्षा करना हो पास,
                                                                 
                            
हो जाओ परीक्षा के प्रति खास,
किताबों पर ही रखो सम्पूर्ण विश्वास,
पढ़ो, लिखो और रखो आत्मविश्वास।।

सुबह पढ़ो,या पढ़ो दिन रात,
यही जज़्बा हमेशा कायम रखना,
जब तक हो ना जाओ सफल,
अपनी हुनर से लेना तुम अपनी मंज़िल।।

पढ़ाई को ना समझना कोई सजा,
किताबों से करना हमेशा मोहब्बत,
इसे समझना अपनी मंज़िल का खिलता गुलाब,
सफ़ल होने पर ही आता है जीवन में मज़ा।।।

जो सच्ची मेहनत से पढ़ता है,
वही सफलता की पहली सीढ़ी चढ़ता है ,
तेरी मेहनत का तभी कोई मोल होगा,
जब पढ़ाई तेरी जिदंगी का गोल होगा।।।।

कठिनाई तो बहुत आयेगी,
हौसला अपना कम होने ना देना,
करना हर कठिनाई का डट कर सामना,
लेकिन पढ़ाई के हर प्रयास कर जाना।।।।।

फेल होनें का डर जब तक तुम्हे सताएगा,
तब तक तुम्हारा मन पढ़ाई की तरफ नही जायेगा,
होगे तुम ज़रूर सफल,बस खुद पर विश्वास करो,
मेहनत ही तुम्हारा लगन कराएगा।।।।।।

तेरी किस्मत तेरी मेहनत से बन पाएगी,
तेरी हर सफलता,
तेरी पढ़ाई,तेरी मेहनत,
तेरी लगन से ही जानी जाएगी।।।।।।।
– सौरभ श्रीवास्तव
- हम उम्मीद करते हैं कि यह पाठक की स्वरचित रचना है। अपनी रचना भेजने के लिए यहां क्लिक करें।
8 महीने पहले

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