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भूल चूक

                
                                                         
                            आज फिर वही दिन आ गया
                                                                 
                            
जब भूल गए कल क्या गया

बिखरे तिरंगे जमीन पर
बिछड़ी उमंगें अतीत पर

कौन है जो याद रखेगा
फिर बातें कौन करेगा

चले गए वो धांसू रील बनाकर
बस एक दिन की सेल्फी लगाकर

उफ़ ये कम्बख्त डिजिटल जिंदगी
बनकर रह गयी है चोर जिंदगी
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7 महीने पहले

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