चेहरों पर दिखावे की इबादत है, पर दिलों में सियासत पलती है,
ये आज का वो समाज है साहब, जहाँ सच कहने पर ज़ुबान जलती है।
और हुकूमत को शिकायत है कि लोग अब सवाल क्यों करते हैं,
उन्हें क्या मालूम कि भूखे पेट ही बगावत की आग जलती है।
— रोहित शर्मा भारद्वाज 'नादिर'
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