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क्या है इश्क़

                
                                                         
                            ये जिसे तुम इश्क़ कहते हो
                                                                 
                            
ये एक हल्का नशा है और क्या है

ये जो जान लुटाने का दम है
ये बस कुछ दम का है और क्या है

की जरुरतो के बाजार में ज़रिया है
एक चंचल बला है इश्क़ और क्या है

बाद गुनाह के जैसे अफसोस ही अफसोस
ये इश्क़ ऐसी खला है और क्या है

हकिकी तौर पर बूलबूले के सिवा कुछ नहीं
बाद इश्क़ के आशिक तन्हा है और क्या है

- Rj pallav


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6 वर्ष पहले

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