माँ मैं तेरी ही तो बेटी हूँ
तेरी कोख से लिपटी बैठी हूँ
लहू गिरने ना दे अपने आँचल से
इस डर से मैं सहमी सहमी हूँ
पंख लगा के उड़ जाऊँ मैं ,
आसमा में छा जाऊँ मैं
कुछ ख्वाहिशे कुछ ख्वाहिशें
मेरी भी हैं कुछ ख्वाहिशें ।
रोक मुझे ना इस धरा पर आने से
लड़ मेरे लिए तू इस जमाने से
माँ मैं तेरी ही तो बेटी हूँ
तेरी कोख से लिपटी बैठी हूँ
पढ़ जाऊँगी मैं बढ़ जाऊँगी,
ममता से मैं भी भर जाऊँगी
कुछ ख्वाहिशें कुछ ख्वाहिशें ,
करुँगी ना कभी फरमाईशें ।
बाबुल मैं तेरी बिटिया हूँ
दादी के आँखों की निंदिया हूँ
बहना हूँ भाई के राखी की
बहनों की सारी दुनिया हूँ
कुछ ख्वाहिशें कुछ ख्वाहिशें,
मेरी भी है कुछ ख्वाहिशें
माँ बहना भार्या हूँ ,
नहीं हूँ मैं किसी की नुमाइशें ।
मैं लक्ष्मी हूँ मर्दानी हूँ
राधा मीरा सी दीवानी हूँ
पद्मावती सी ज्वाला हूँ
सीता सी मैं वरमाला हूँ
अंतरिक्ष की मैं कल्पना हूँ
तेरी आँखों का मैं सपना हूँ
कुछ ख्वाहिशें कुछ ख्वाहिशें ,
तेरी भी होगी कुछ ख्वाहिशें
कुछ ख्वाहिशें कुछ ख्वाहिशें,
तेरी भी होंगी माँ कुछ ख्वाहिशें
क्यों धरती बंजर हो जायेगी
क्या ममता खंजर हो जायेगी
मारुँगी नहीं मैं अपनी बेटी को
आज माँ समन्दर हो जायेगी
तू हँसती है मैं हँसती हूँ
तू रोती है मैं रोती हूँ
कुछ ख्वाहिशे कुछ ख्वाहिशें,
हम दोनों की है कुछ ख्वाहिशें
कुछ ख्वाहिशें कुछ ख्वाहिशें ,
करुँगी पूरी तेरी फरमाइशें ।
माँ मैं दुर्गा हूँ, मैं भक्ति हूँ
मैं कन्या हूँ मैं शक्ति हूँ
माँ यूँ ही रहना संग मेरे
मैं ही तो जीवन रचती हूँ
कुछ ख्वाहिशें कुछ ख्वाहिशें,
तेरी मेरी कुछ ख्वाहिशें
कुछ ख्वाहिशें कुछ ख्वाहिशे
पूरी होंगी सब ख्वाहिशें ।
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