जमानो के कहानियों में,
राज़ छुपाये हैं,
जुबानियाँ की गहरीयाँ,
आदमी को बहलाये हैं,
कुछ कहते हैं वो,
के वो लोग सच्चे हैं,
पर क्या वो सच्चाई में,
बस कहानियाँ सजायी गयी हैं?
रौशीन हसन
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