जब से देखा है उसकी झील सी आँखें
डूब गया हूं साहिल नहीं मिलता ...
- हम उम्मीद करते हैं कि यह पाठक की स्वरचित रचना है। अपनी रचना भेजने के लिए यहां क्लिक करें।
कमेंट
कमेंट X