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करेगा सदैव अच्छा व्यवहार।।

                
                                                         
                            प्रीत के धागों के बंधन में,
                                                                 
                            
स्नेह का उमड़ रहा संसार।
सारे जग में सबसे अच्छा,
ये रक्षाबंधन का त्यौहार।।

भले ही ये कच्चे धागे है,
पर इनमे छिपा है प्यार ।
भाई बहन इसे न भूलते,
ये रक्षाबंधन का त्यौहार।।

करती है रक्षाबंधन पर,
बहन,भाई का इंतजार।
थाल सजाए बैठी रहती,
खाने पर उसका इंतजार।।

भाई देता है बहन को वचन,
हर लेगा उसके दुख के भार।
कभी उसे निराश न होने देगा,
करेगा सदैव अच्छा व्यवहार।।

जब जब रक्षाबंधन आयेगा,
भाई,बहन को याद दिलाएगा,
बहन,तेरे द्वार पर मै आऊंगा,
स्नेह के धागे को रखना तैयार।।
-आर के रस्तोगी 
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53 मिनट पहले

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