जिनके जीवन की हकीकत बन चुकी है देखना सिर्फ झूठा ख्वाब जी,
जिनके अपने खुद के जीवन का सचमुच कुछ भी नहीं है हिसाब जी,
जिनका जीवन बन चुका है सिर्फ एक सवाल न कि एक जवाब जी,
उनको भी इश्क तहे दिल से स्वीकार करता है कह कर के लाजवाब जी|
-मनस्व
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