गांधी जी गोरे अंग्रेजों से हाथ जोड़कर बातचीत कर तर्कवत सदा शांति से मुस्कुरा कर,
खुद को अमर कर गए उन अंग्रेजों से सत्य अहिंसा के बल पर देश को मुक्त करा कर,
जो अंग्रेज सैन्य शक्ति आर्थिक शक्ति और धोखाधड़ी और झूठ की चाल से,
भोले भाले भारतीयों को न सिर्फ लूटते थे बल्कि रखते थे दबा धमका और डराकर|
- मनस्व
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