भारतवासियों तुम हो राम और कृष्ण के वंशज खुद को ना समझो अति छुद्र तुम,
हनुमान की तरह निगल सकते हो सूर्य को और अगस्त मुनि की तरह पी सकते हो समुद्र तुम,
विश्व शांति की स्थापना के लिए जहां बन सकते हो तुम महात्मा गांधी और बुद्ध,
और वही विश्व शांति एवं कल्याण के दुश्मनों से युद्ध की नौबत पर बन सकते हो रूद्र तुम|
-मनस्व
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