भूल न जाना दिवाली की रात को उस दीपक के प्रति प्रकट करना अपना आभार जी,
जो दीपक है बिल्कुल नन्हा सा और जिसका बिल्कुल छोटा सा है आकार जी,
सचमुच बिल्कुल नन्हा सा आकार में छोटा सा ये दीपक ना सिर्फ अंधेरे को दूर,
भगाता है बल्कि उस प्रकाश को फैलाता भी है जो है सबके जीवन का आधार जी|
-मनस्व
- हम उम्मीद करते हैं कि यह पाठक की स्वरचित रचना है। अपनी रचना भेजने के लिए यहां क्लिक करें।
कमेंट
कमेंट X