अधर पर मुस्कानों के हार
चतुर हैं हत्यारे इस बार |
निवेदन दुष्ट करें करबद्ध-
“ न काटेगी गर्दन तलवार “||
अधर पर मधुमुस्कान संवार
फूल-सा लेकर लोकाचार |
थामकर हाथों में पिस्तौल
बने सब गांधी के अवतार |
धूप जैसा दिखता अंधियार
फूल-सा बना आजकल खार |
सभी में छल की है रणनीति
लुटेगा खुशियों का संसार |
-रमेशराज
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