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राम राम राम जय श्री राम

                
                                                         
                            बार-बार याद आते हैं राम,
                                                                 
                            
सुकून मिलता जब बोलूं राम।।
जितनी बार लिखूं राम का नाम,
मज़ा आता है लिखने में राम,
राम राम राम जय श्री राम,
जय जय जय प्रभु श्री राम।

भक्ति है तेरे नाम की राम,
शक्ति है तेरे नाम में राम।
करता जो कोई राम का ध्यान,
बनता है वह अच्छा इन्सान।
स्थापित करता है वह कीर्तिमान,
बन जाता है वह जग में महान।
राम राम राम जय श्री राम,
जय जय जय प्रभु श्री राम।

प्यारे हैं राम भक्त हनुमत वीर,
परम सेवक राम के महावीर।
दुष्टों की करें जो छाती चीर,
कोई कैसे लगाए भक्तों पर तीर।
राम राम राम जय श्री राम,
जय जय जय प्रभु श्री राम।

हमें नहीं स्वयं पर अभिमान,
कृपा है सब तेरी सिंधु निधान।
भक्ति में जो श्री राम की लीन,
नहीं होता वह किसी के अधीन।
राम राम राम जय श्री राम,
जय जय जय प्रभु श्री राम।

कण-कण में है तू ही राम,
क्षण-क्षण में तू साथ है राम।
हर काम में तेरा हाथ,
हर काज में तेरा हाथ।
राम राम राम जय श्री राम,
जय जय जय प्रभु श्री राम।

नस-नस में वसते श्री राम,
खून की बूंद-बूंद में बसते राम।
थल-चर नीर समीर में है राम,
आकाश पाताल में व्याप्त हैं राम।
राम राम राम जय श्री राम,
जय जय जय प्रभु श्री राम।

राम शरण

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2 वर्ष पहले

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