नेताजी राष्ट्र के स्वाभिमान अभिमान हैं
राष्ट्र के लिए जिए व राष्ट्र पर अमर हो गए
राष्ट्र प्रेम बहता था उनके तन के नस नस में
स्वराज का लक्ष्य ही रहता था उनके मन में
वे ज्ञान त्याग और बलिदान की मूरत हैं
स्वतंत्रता सेनानियों के साहस की सूरत हैं
उनका हृदय पुष्प सा कोमल था
उनका मस्तिष्क चाणक्य सा चपल था
उनके रक्त में सूर्य की ऊष्मा थी
उनके विचारों में चंदा सी सुषमा थी
हमने उनके आदर्श को आज भी संजोया है
उनके कथनों और कृतित्व को ह्रदय में पिरोया है
इतिहास सुनाता है उनके गौरव की कहानी
जिसे सुन आती है युवकों के मन में रवानी
उनके नारों को हम आज भी जब सुनते हैं
अंतस में उत्साह का अनुभव करते हैं
यह राष्ट्र उनके बलिदान को कभी ना भूल पाएगा
उनके शौर्य गाथा को सदा ही गुनगुनाएगा
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