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मिज़ाज कड़वा सही

                
                                                         
                            रहने दे मिरे यार
                                                                 
                            
इतनी ज़्यादा हमदर्दी न दे
बरसों की बेरुख़ी के बाद
ये दिल कहीं जवाब न दे!

वो मिज़ाज कड़वा सही
मुलायम बहुत है
नीम का दरख़्त जैसे
फायदेमंद बहुत है.

आदत में इख़्तियार कर ली है
कड़वाहट हमने उसकी
थोड़ी सी शीर मिला कर
पी जाते हैं लेके चुस्की.

कुनैन बड़ी मुफीद है जैसे
तेज़ बुखार के लिए
कड़वे घूंट भी भरने होते हैं
मौक़े की नज़ाक़त के लिए.

हर शख़्स बाग़ी है आज
हर शख़्स गुस्से से तना
कुछ जो ठंडा करके खा रहे हैं
अमन ओ सुकून ने उनको चुना.

 
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11 महीने पहले

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