आज व्यथित होने को मन चाहता है
लेकिन जब तुम हंसते हो,
हम भी हस देते हैं
किसी की बहु बेटियां लुट गई
लेकिन जब तुम चटखारे लेकर
मां बाप के दिए संस्कार की बात करते हो
हम भी उडकू होकर खीसें निपोर देते हैं
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