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गलतियां भी माफ़ होती है

                
                                                         
                            ये देख कर भी चुप रहता हूँ
                                                                 
                            
तुम्हारी दूरिया शायद तुम्हें पसंद हो
तुम अब अलग सी रहने लगी हो
अपनी गलतियों सच साबित करती हो
अपने सिंगर का बैग फिर खोली हो
वो स्त्रियां जो तुझपे अच्छी लगती थी
वो भी खोजती हो
अब तुम्हें खाने अच्छे नहीं लगती
कभी बात करती हो बिना फोन के
मुझको तुम कह कर संबोधित करती हो
अब बच्चे भी रोज पिज्जा कहते हैं
तुम बस टाल रहीं हो मुझको
जानती हो क्यों
क्योंकि 17 साल को नया देखना छाती हो
मालूम है क्यों इसलिए कि जिंदगी में कुछ
दोहराती है वो है तुम्हारे द्वारा care करना
और मुझसे स्नेह को बरक़रार रखने....
चलो एक बार मिल जाये सुगंध और उमंग की तरह....
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40 minutes ago

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