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विश्वास की खूबसूरती

                
                                                         
                            विश्वास की खूबसूरती
                                                                 
                            

मनुष्य का चेहरा उतना सुंदर नहीं होता,
जितना सुंदर विश्वास होता है।

मनुष्य दूर होकर भी
बहुत पास महसूस कर सकता है,
और पास होकर भी
मीलों की दूरी महसूस कर सकता है।

रिश्ते बाँधने से नहीं,
विश्वास देने से बनते हैं।

जब कोई इंसान
आपके चेहरे पर यह पढ़ लेता है
कि आप उसे बाँधेंगे नहीं,
उसकी स्वतंत्रता नहीं छीनेंगे,
तो उसे कहीं जाने की जरूरत नहीं रहती—
वह खुद ही
आपके पास आकर बैठ जाता है।

क्योंकि सच्चा अपनापन
किसी को कैद नहीं करता,
उसे उड़ने की आज़ादी देता है।

और जिसे उड़ने की आज़ादी मिल जाए,
वह अक्सर
उसी के पास लौटकर आता है
जहाँ उसे
अपने होने का पूरा अधिकार मिलता है।

— रजनी
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3 घंटे पहले

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