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सिर्फ़ सच के आगे

                
                                                         
                            सिर्फ़ सच के आगे
                                                                 
                            

मुझे अपना बनाना है,
तो सिर्फ़ सत्य लेकर आना,
लालच, पैसा, धन-दौलत
मुझसे दूर ही रखना।

इन चीज़ों से मुझे
ज़रा भी फ़र्क़ नहीं पड़ता,
मैं तो सत्य के आगे
ख़ुद भी घुटने टेक देता हूँ।

सच के सामने
मेरी भी नहीं चलती,
यही एक ऐसी औषधि है
जो मुझ पर असर करती है।

इसलिए अगर मुझे झुकाना है,
या मुझसे प्रेम करना है,
तो एक ही शर्त पर आना—
मुझे कोई लालच मत देना,
बस अपना सच दे देना।

यदि मुझे जीतना चाहते हो,
तो झूठ की कोई चाल मत चलना।

इसके अलावा
मुझ पर कुछ भी असर नहीं करता।
— रजनी
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4 hours ago

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