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मुफ़्त में मिला हूँ

                
                                                         
                            मुफ़्त में मिला हूँ
                                                                 
                            

मैं तुझे मुफ़्त में मिला हूँ,
कदर न करना हक़ है तुम्हारा।
जिसे बिना माँगे पा लिया हो,
अक्सर कहाँ रहता है मोल उसका प्यारा।

मगर याद रखना—
मुफ़्त में मिल जाना, बेकीमत होना नहीं है।
कभी खोकर समझोगे तुम,
कि जो सहज मिला था,
वही सबसे अनमोल था।
-रजनी
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3 घंटे पहले

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