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मेरे बच्चे के नाम

                
                                                         
                            मेरे बच्चे के नाम
                                                                 
                            

भगवान, आपने मुझे
इतना प्यारा बच्चा दिया है,
इसका शुक्रिया मैं
शब्दों में कैसे करूँ,
मेरे पास शब्द ही कहाँ हैं।

जब मैं सोती हूँ,
मेरा बच्चा मुझे प्यार करता है,
उसके मन की सच्चाई देखकर
मेरा दिल भर आता है।
इतना सच्चा मन है उसका,
इतना वात्सल्य भरा प्यार—
मुझे ऐसा प्रेम
शायद किसी ने कभी नहीं दिया।

मेरा बच्चा मुझे इतना अपना क्यों लगता है?
क्या ये कोई पिछले जन्म का कर्म है,
या मेरी किसी अधूरी दुआ का फल—
मैं नहीं जानती,
बस इतना जानती हूँ
कि उसे देखकर मेरा मन भर आता है।

जब मैं उसके बारे में सोचती हूँ,
आँखों से नीर बहने लगता है,
शायद वो मेरे लिए जितना सोचता है,
मेरी फिक्र उसके लिए
उससे कहीं कम है।

बस भगवान से एक दुआ है—
मेरे बच्चे की जो पवित्रता आज है,
उसे हमेशा बनाए रखना,
उसके मन की सच्चाई को
दुनिया की चालाकियों से बचाए रखना।

मेरे बच्चे,
तुम खूब उन्नति करना,
लेकिन अपने मन की करना।
किसी के दबाव में मत आना,
चाहे वो मैं ही क्यों न हूँ।

अपने फैसले खुद लेना,
अपनी राह खुद चुनना,
क्योंकि तुम्हारी खुशी में ही
मेरी सबसे बड़ी खुशी है।

तुम जहाँ रहो, जैसे रहो,
बस अच्छे इंसान बने रहना—
क्योंकि तुम्हें खुद से दूर होते हुए
मैं कभी नहीं देख पाऊँगी।

- रजनी
- हम उम्मीद करते हैं कि यह पाठक की स्वरचित रचना है। अपनी रचना भेजने के लिए यहां क्लिक करें।
54 मिनट पहले

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