एक वक्त के बाद
एक वक्त के बाद कुछ अच्छा नहीं लगता,
न बुरा लगता है,
बस दिल हर एहसास से दूर हो जाता है।
एक वक्त के बाद
आँसू भी बेअसर हो जाते हैं,
और मुस्कुराहट भी सिर्फ़ एक आदत रह जाती है।
जिस बात पर कभी रातें जागकर गुज़री थीं,
वही बात फिर मामूली लगती है।
शायद वक्त सब कुछ नहीं बदलता,
बस इंसान को इतना बदल देता है
कि फिर कुछ भी पहले जैसा असर नहीं करता।
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