आप अपनी कविता सिर्फ अमर उजाला एप के माध्यम से ही भेज सकते हैं

बेहतर अनुभव के लिए एप का उपयोग करें

विज्ञापन

अहसास से समझ आएगा

                
                                                         
                            किसी के बताने से तुम नहीं जानोगे,
                                                                 
                            
किसी के समझाने से तुम नहीं समझ पाओगे,
जब तक खुद उस दौर से नहीं गुजरोगे,
तब तक उसकी गहराई कहाँ समझ पाओगे।

दूसरों के दर्द को सुनना आसान है,
उस दर्द को महसूस करना मुश्किल,
किताबों में लिखे सबक याद रह जाते हैं,
पर जिंदगी का सबक होता है बिल्कुल अलग।

जब वही परिस्थिति तुम्हारे सामने आएगी,
जब आंखों में खुद नमी उतर आएगी,
तब समझोगे उन लोगों का दर्द,
जिनकी कहानी कभी तुमने सुनी थी।

जिंदगी हर बात पहले नहीं समझाती,
कुछ सबक खुद जीकर सीखने पड़ते है,
क्योंकि कुछ अहसास ऐसे होते हैं,
जो सिर्फ गुजरने के बाद ही समझ आते हैं।
- रजनी
- हम उम्मीद करते हैं कि यह पाठक की स्वरचित रचना है। अपनी रचना भेजने के लिए यहां क्लिक करें।
5 घंटे पहले

कमेंट

कमेंट X

😊अति सुंदर 😎बहुत खूब 👌अति उत्तम भाव 👍बहुत बढ़िया.. 🤩लाजवाब 🤩बेहतरीन 🙌क्या खूब कहा 😔बहुत मार्मिक 😀वाह! वाह! क्या बात है! 🤗शानदार 👌गजब 🙏छा गये आप 👏तालियां ✌शाबाश 😍जबरदस्त
विज्ञापन
X
बेहतर अनुभव के लिए
4.3
ब्राउज़र में ही

अब मिलेगी लेटेस्ट, ट्रेंडिंग और ब्रेकिंग न्यूज
आपके व्हाट्सएप पर