किसी के बताने से तुम नहीं जानोगे,
किसी के समझाने से तुम नहीं समझ पाओगे,
जब तक खुद उस दौर से नहीं गुजरोगे,
तब तक उसकी गहराई कहाँ समझ पाओगे।
दूसरों के दर्द को सुनना आसान है,
उस दर्द को महसूस करना मुश्किल,
किताबों में लिखे सबक याद रह जाते हैं,
पर जिंदगी का सबक होता है बिल्कुल अलग।
जब वही परिस्थिति तुम्हारे सामने आएगी,
जब आंखों में खुद नमी उतर आएगी,
तब समझोगे उन लोगों का दर्द,
जिनकी कहानी कभी तुमने सुनी थी।
जिंदगी हर बात पहले नहीं समझाती,
कुछ सबक खुद जीकर सीखने पड़ते है,
क्योंकि कुछ अहसास ऐसे होते हैं,
जो सिर्फ गुजरने के बाद ही समझ आते हैं।
- रजनी
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