इस दिल्लगी में
कुछ फायदा तो नहीं हो रहा है
बस बिना हुक्म दिए
कागज़ पर पैन चल जाता है
रंगरलियों वाले...
सामने से चिढ़ाते हैं
'हम पैसा भी कमा रहे'
और जलाते हैं...
भगवान,
अगर मैं हूं...
उस नौकरी के लिए...
तो प्लीज सिलेक्शन करवा दो🙏
अब,
आपसे...
'हां' भरवाने के लिए...
कौनसा तर्क... बनाके लिखूं?
शायद
ये घबराहट
दूर हो जाए...
हम
काम में
मशगूल हो जाएं...
तन्हाई
के मौजूद
शूल हों चाहे
बुराई
ना कर लें
मुझसे राहें
इसलिए
मैं चलूंगा!
सतत
कदम रखूंगा!
-राहुल
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