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प्रयास...

                
                                                         
                            ये 'पढ़ाई' बस
                                                                 
                            
महत्त्वपूर्ण है

मुझे अपने प्रयास का...
पाना सुकून है

गुस्से को
मेरी चुप्पी पी जाए

नुस्खों की
कमी ना होने पाए

करूं नींद का त्याग....
कि कोई मलाल ना रहे...

वक़्त की बहती नदी को...
ठल्ले, बैठे बैठे, ना ताकें... !

घबराके...
भरे ना आहें...

मुझे बस,
अपने कर्म से मतलब है 🙏

करनी रूह
नर्म...

जैसे कोई मखमल है...

क्या हैसियत
दख़ल की कोई?

तन्हाई भी,
कुछ देर चिल्ला विल्ला...

अब शांत हुई...

हमारी,
दोस्ती हुई 

सारी
दुश्मनी मिटी

-राहुल





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46 मिनट पहले

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