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अपनी उम्मीदों को थोड़ा छोटा कर दो

                
                                                         
                            दिल की बेरंग तस्वीर में,
                                                                 
                            
किसी खास रंग की जरूरत है,
अगर वो रंग ना मिले तो, जो है उसी रंग को भर दो
अपनी उम्मीदों को थोड़ा छोटा कर दो

चाहे भरो जितनी ऊँची उड़ान,
पर यह भी याद रहे, बची रहे अपनी जान

यह एक कोरी सोच है , यह एक कोरा सपना है
यहां कौन किसका है, यहां कौन किसका अपना है

यह मत सोचो कोई मुश्किल आयी है पहली बार
यह जरूर सोचो इस ग़म को आना है बार - बार

कुछ बातों को याद रखो,
अगर कोई बुरी आदत नही छोड़ोगे
तो ले दे कर आपके पास एक दिल है
इसको कितनी बार तोड़ोगे

तुझसे कोई भूल हुई है , तुझसे हुई है कोई नादानी
यही तुझसे कह रहा है, तेरी आंखों का पानी

इसी लिए हालात के हिसाब से खुद को ढालों
जैसे हालात है वैसा खुद को कर दो
अपनी उम्मीदों को थोड़ा छोटा कर दो
-रविन्द्र अमन
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एक दिन पहले

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