मैं नहीं हम की ज़ुबान है लखनऊ,
मुसलसल जो जवां वो कारवां है लखनऊ...
इसलिए तो नवाबों का शहर है लखनऊ!
- हम उम्मीद करते हैं कि यह पाठक की स्वरचित रचना है। अपनी रचना भेजने के लिए यहां क्लिक करें।
कमेंट
कमेंट X