शांत मन हो धैर्य हो चित्त तो हर कार्य सफ़ल होगा
अहंकार हो जन का और दौलत का अभिमान हो तो
उठाओ शास्त्र देखो रावण को यही हाल तुम्हारा होगा
-पुष्पेंद्र
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