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क्रिया की प्रतिक्रिया तो नियम है प्रकृति का

                
                                                         
                            कुछ तो होता ही है ,हम कहें न कहें
                                                                 
                            
किसी के आने जाने से ,
ऋतुओं के बदलने से
छिपा कर रख लेते कई लोग ये भाव
मगर आसान है क्या ?
शायद नहीं ,
उनका वही ठहराव।
क्रिया की प्रतिक्रिया तो नियम है प्रकृति का
बाहर की ओर हो या अंदर की ओर हो ,
एक आह हो, टीस हो ,या
कोई एक प्रेरक अभिव्यक्ति।
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एक घंटा पहले

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