माँ- तेरी अहमियत का एहसास
“ ख़ुदा का दूसरा रूप है माँ
ममता की गहरी झील है माँ
वो घर किसी जन्नत से कम नहीं जिस घर में ख़ुदा की तरह पूजी जाती है माँ”
हर एक के जीवन में माँ एक अनमोल इंसान के रूप में होती है जिसके बारे में शब्दों से बयान नहीं किया जा सकता।
किसी के भी जीवन में माँ ही उसकी पहली, सर्वश्रेष्ठ और सबसे महत्वपूर्ण होती है क्यूँकि कोई भी उसके जैसा सच्चा और वास्तविक नहीं हो सकता है। जीवन की पहली प्राथमिकता और बुरे समय में उम्मीद की झलक होती है माँ।
हमारे अंधकार जीवन में रोशनी भरती है माँ। हमारे जीवन की सबसे पहली और सबसे प्यारी शिक्षिका होती है- माँ।
तो आइए, ऐसी स्त्री का माँ दिवस के दिन धन्यवाद करते है इस कविता के ज़रिए-
हमारे हर मर्ज़ की दवा होती है माँ
कभी डाँटती है हमें, तो कभी गले लगा लेती है माँ
हमारी आँखों के आँसू, अपने आँखों में समा लेती है माँ
अपने होंठों की हँसी,हम पर लुटा देती है माँ
हमारी ख़ुशियों में शामिल होकर,अपने ग़म भुला देती है माँ
जब भी कभी ठोकर लगे,तो हमें तुरन्त याद आती है माँ
दुनिया की तापिस में, हमें आँचल की शीतल छाया देती है माँ
ख़ुद चाहे कितनी भी थकी हो, हमें देखकर अपनी थकान भूल जाती है माँ
बात जब भी हो लज़ीज़ खाने की, तो हमें तेरी बहुत याद आती है माँ
रिश्तों को ख़ूबसूरती से निभाना सिखाती है माँ
शब्दों में जिसे बयान ना कर पाए
भगवान भी जिसकी ममता के आगे झुक जाए
कुछ ऐसी होती है माँ, कुछ ऐसी होती है माँ........
-प्रियंका पुरोहित व्यास
न्यूयॉर्क
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