हो गया जिन्हें भुलाए हुए वो भी याद आने लगे हम अपनी आदत के मुताबिक उनसे दिल लगाने लगे
मैं दूर होकर उनसे दिल से न जुदा हुआ कभी यादें उनकी समेट कर दिल में हम भी तो मुस्कराने लगे
ऐसा नहीं कि भरोसा उन पर किया नहीं कभी अपनी नजर में लाकर उनसे हम अब दिल लगाने लगे
हमने बगैर उनके जीने का इरादा छोड़ दिया है और वो भी बढ़ा कर अरमां अब करीब मेरे आने लगे
सोहबत उनकी भी रही निराली थोड़ी बदनामी के साथ साथ मिली शोहरत सोच कर हम मुस्कराने लगे
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