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अफसाना ए दर्द ए दिल

                
                                                         
                            अजीब नशा है मुझ पर होशियार रहना चाहता हूं मैं घबरा गया हूं ख्वाबों से अब खबरदार रहना चाहता हूं
                                                                 
                            
ऐ मौज ए नशा हमें तुझ पर कोई वहम नहीं जो ख्वाब देखा है मैने रात याद कर होशियार रहना चाहता हूं
है तुझे मेरी फिक्र नहीं ये भी जानता हूं मुझ और न रंज कर बढ़ा कर फासला कर तुमसे दूर रहना चाहता हूं
तुमसे कहूं कैसे दर्द मेरे जीने का सहारा है बेशक कुछ और दर्द दो मैं डूब कर गम में बीमार रहना चाहता हूं
करके वादा हमसे इंकार किया तूने अभी अभी मैं लुटा लुटा सा अब सामने तेरे खड़ा हूं जहर पीना चाहता हूं
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3 घंटे पहले

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