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अफसाना ए बदनसीबी

                
                                                         
                            बरक्कत मेरी दुआओं में होने लगा गलतफहमियां जो खिलाफ मेरे पाल रखा था तुमने वो अब कम होने लगा है
                                                                 
                            
क्या पता था आप फिर उसी राह पर जहां मिले थे कभी मुझसे मिलने की तमन्ना करने लगे महसूस होने लगा है
अभी तक अपनी बदनामियों से डर गया था बहुत मिला जबसे हौसला तेरा बेचैन दिल भी रस्ता बदलने लगा है
करके इनकार अरमां मिटाना समझ ना पाया मैं या रब दिखाया तुमने क्या क्या मंजर सोच के दिल डरने लगा है
तुमने सोचा कभी दरिया सिमटने में वक्त तो लगता है किस्मत का लिखा मिट ना सका दिल फिक्र करने लगा है

 
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22 मिनट पहले

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