आप अपनी कविता सिर्फ अमर उजाला एप के माध्यम से ही भेज सकते हैं

बेहतर अनुभव के लिए एप का उपयोग करें

विज्ञापन

ये रौशनी बेचने वाले

                
                                                         
                            अंधेरों को रोशनी से भर देने की
                                                                 
                            
तकरीर करने वाले
मिल जाते हैं आजकल
लोग बहुतेरे
ये चतुर लोग
मुसीबतजदाओं के कष्टों और
परेशानियों के अंधेरों को
उजाले से भर देने की
लेते हैं बाकायदा फीस
और फिर देते हैं धकेल उन्हें
और भी गहन अंधेरों में
ऐसे लोगों से
बहुत ज़रूरी है बचना
नहीं तो उनके जाल में
पड़ेगा आपको
बुरी तरह से फंसना।
- हम उम्मीद करते हैं कि यह पाठक की स्वरचित रचना है। अपनी रचना भेजने के लिए यहां क्लिक करें।
2 घंटे पहले

कमेंट

कमेंट X

😊अति सुंदर 😎बहुत खूब 👌अति उत्तम भाव 👍बहुत बढ़िया.. 🤩लाजवाब 🤩बेहतरीन 🙌क्या खूब कहा 😔बहुत मार्मिक 😀वाह! वाह! क्या बात है! 🤗शानदार 👌गजब 🙏छा गये आप 👏तालियां ✌शाबाश 😍जबरदस्त
विज्ञापन
X
बेहतर अनुभव के लिए
4.3
ब्राउज़र में ही

अब मिलेगी लेटेस्ट, ट्रेंडिंग और ब्रेकिंग न्यूज
आपके व्हाट्सएप पर