चाय की एक कड़क प्याली से
संवरती है सुबह
और होती है सुहानी
शाम भी
कड़क प्याली से उठती भाप में
करता है मन
खो जाने को
सचमुच क्या भावना है जगाती
चाय की एक कड़क प्याली
मानवीय रिश्तों को
संवार कर
एक सूत्र में बांध कर
रखने वाली
चाय की प्याली
आली रे आली
मिलता चाय की प्याली पर
न्योता
होली हो या दीवाली।
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