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तुझे मुझसे मोहब्बत है कहोगी मुझसे कब 'पारुल'

                
                                                         
                            मोहब्बत की मुरव्वत की जो न्यारी बात आएगी
                                                                 
                            
हर इक मसले में दिल से यूँ तुम्हारी बात आएगी

उजाला तुम सवेरा तुम मेरा संसार भी हो तुम
मेरी ग़ज़लों में अब तेरी ही सारी बात आएगी

मिसाले जब दी जाएँगी ज़माने में मोहब्बत की
तुम्हारी बात आएगी, हमारी बात आएगी

छुपा लो लाख अंतर्मन में बातें जो छुपी तेरे
जुबाँ पर तेरी इक दिन तो वो सारी बात आएगी

तुझे मुझसे मोहब्बत है कहोगी मुझसे कब 'पारुल'
लबों पे तेरे आख़िर कब वो प्यारी बात आएगी
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3 घंटे पहले

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