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निशाँ रह जाएँगे

                
                                                         
                            ज़ख़्म भर जाएँगे इक दिन पर निशाँ रह जाएँगे
                                                                 
                            
ज़िंदगी भर फ़ासले ही दरमियाँ रह जाएँगे

खोया हमने इक बहुत ही खूबसूरत रिश्ता है
हम भी बन के दिल की भूली दास्ताँ रह जाएँगे

ख़्वाब पूरे हो मुकद्दर में नहीं था अपने तो
उनके दिल में बन के अब हम राएँगा रह जाएँगे

किसको था मालूम खुशियाँ लुट ही जाएँगी मेरी
आरज़ू के दिल में भटके कारवाँ रह जाएँगे

रिश्ते कुछ बे-नाम होकर भी न छूटेंगे कभी
मेरे रूह ओ कल्ब में आँसू निहाँ रह जाएँगे
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2 घंटे पहले

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