दिल की धड़कन की हर सदा तुम हो
कैसे तुमसे कहूँ के क्या तुम हो
मेरे ख़्वाबों में रहने वाली अब
मेरे इस दिल का आइना तुम हो
डर नहीं मुझको अब किसी का भी
हम-सफ़र मेरा हो, ख़ुदा तुम हो
हर ख़ुशी तुमसे ही तो है क़ायम
ज़िंदगी का भी मुद्द'आ तुम हो
बहकी साँसें गवाही देती हैं
मेरी ही तरह आश्ना तुम हो
तुम ही तुम हो समाए इस दिल में
रू-ब-रू तुम हो रू-नुमा तुम हो
आ मै जाऊँगा दिल में भी 'पारुल'
रूह से अब नहीं जुदा तुम हो
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