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“ज़िंदगी की राह”

                
                                                         
                            ज़िंदगी की राह में,
                                                                 
                            
एक हमसफ़र होना भी ज़रूरी है,
थक जाऊँ जब तो कोई
हाथ थामने वाला होना भी ज़रूरी है।

हर सफ़र अकेले तय हो,
ये भी तो ज़रूरी नहीं,
कुछ रास्तों पर कोई अपना,
साथ चलने वाला होना भी ज़रूरी है।

खामोशी जब दिल की बात कहे,
तो कोई समझने वाला हो,
आँखों में आँसू आएँ जब,
तो कोई मुस्कुराने वाला हो।

ज़िंदगी खूबसूरत तो अकेले भी है,
मगर कभी-कभी…
इसे और खूबसूरत बनाने के लिए
एक सच्चा हमसफ़र होना भी ज़रूरी है।
~ परी नागर
- हम उम्मीद करते हैं कि यह पाठक की स्वरचित रचना है। अपनी रचना भेजने के लिए यहां क्लिक करें।
43 मिनट पहले

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