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संवाद में एक चुप्पी थी

                
                                                         
                            कुछ तो कमी थी रिश्ते में
                                                                 
                            
संवाद में एक चुप्पी थी
बातों में अल्पविराम नजर आता था
कभी कभी बहुत लम्बा भी हो जाता था
विचारों का तालमेल जो नहीं था
जब भी टकराते बड़ा शोर करते थे
तभी बातों के बीच अल्पविराम घर कर गया था
हर वक्त के शोर से
शायद खामोशी ही बेहतर थी
तभी बातों से ज्यादा चुप्पी बोल रही थी
 -सरिता सिंह
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17 घंटे पहले

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