अरे ओ शराबी...! तेरा क्या होगा?
रात को जब , तू घर आता है,
तेरी मां रातभर नहीं सोती,
बीबी इंतजार कर करके थक जाती है।
मां को चिंता - मेरे बाद तेरा क्या होगा?
बीबी को चिंता - बच्चों का क्या होगा?
घर बर्बाद होगा, जमीन बिकेगी,
तेरी कारस्तानी कब रुकेगी?
सब बर्बादी आंखों के सामने देखेगा,
तू कुछ भी नहीं कर पाएगा।
तू कहीं का नहीं रहेगा,
सिर धुन धुन पछताएगा,
फिर कुछ हाथ नहीं आएगा।
-चंद्र दत्त शर्मा
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