सूर्य को जल में झिलमिलाते देखकर,
उसके वजूद को खत्म नहीं समझना चाहिए।
देख लो उसके बलिदान को,
खुद तपकर हम सबको को रोशनी देता है,
किसी को हल्के में नहीं लेना चाहिए।
गुणों के साथ अवगुण भी होते हैं,
किसी को परख कर ही फैसला लेना चाहिए।
-चंद्र दत्त शर्मा
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