मुल्क की अदला बदली में,
उनको क्या मिला ?
कुछ खो गए, कुछ बेघर हो गए,
कुछ को अपना जीवन खोना पड़ा।
जमीन छूटी, घरबार छूटा,
पूरा कारोबार खोना पड़ा।
हो गए बेघर दोनों ओर,
जीवन यापन का प्रश्न सामने खड़ा।
जब जब ध्यान आता उनका,
बरबस दिल रो पड़ा।
अच्छे अच्छे बन गए शरणार्थी,
उनको इस बटवारे से क्या मिला?
- चंद्र दत्त शर्मा
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