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खूब कहा किसी ने ?

                
                                                         
                            खूब कहा किसी ने ?
                                                                 
                            
दो जिस्म एक जान।
जब जांचोगे परखेंगे,
तभी तो होगी पहचान।
कहने को तो कोई कह दे,
इसमें बसती मेरी जान।
इस जमाने की दौड़ में,
कोई किसी का नहीं,
कम से कम मेरी मान!
-चंद्र दत्त शर्मा
- हम उम्मीद करते हैं कि यह पाठक की स्वरचित रचना है। अपनी रचना भेजने के लिए यहां क्लिक करें।
2 hours ago

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