जो रात में जागरण करते हैं,
और दिन में सोते हैं,
उनका बल बुद्धि और तेज,
यकायक नष्ट हो जाते हैं।
जैसे जैसे वक्त बीतता है,
वो किसी काम के नहीं रहते हैं।
यह मानना है कि....,
यह प्रकृति की अवहेलना है,
दिन कार्य के लिए बनाया है,
और रात सिर्फ आराम के लिए।
- चंद्र दत्त शर्मा
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