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कोई सह लेता है कोई जाहिर कर देता है।

                
                                                         
                            कौन समझता है एक दूसरे के दर्द को?
                                                                 
                            
सबने अपने ही दु:ख दर्द को पहचाना है।
दु:ख दर्द तो सबको एक जैसा ही होता है,
कोई सह लेता है कोई जाहिर कर देता है।
-चंद्र दत्त शर्मा
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10 घंटे पहले

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