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मेरी ईद का चाँद

                
                                                         
                            मेरी ईद का चाँद है वो,
                                                                 
                            
मेरी रूह की पहचान है वो।
अँधेरी रात में चमकता हुआ,
मेरा सबसे हसीन अरमान है वो।
उसकी आँखों में जब भी झाँका,
मैं खुद को ही भूल गया,
मेरी हर खुशी का राज वही,
मेरी हर मुस्कान है वो।
जब भी उदास हो जाता हूँ
दुनिया के इस शोर में,
मेरे दिल को सुकून देने वाला
एक प्यारा सा नाम है वो।
उसके बिना अधूरी लगती है
मेरी हर एक दुआ,
मेरी हर इबादत का
छुपा हुआ इनाम है वो।
दूर होकर भी दिल के
सबसे करीब रहता है,
मेरी तक़दीर में लिखा हुआ
एक ख़ूबसूरत पैग़ाम है वो।
मेरी ईद का चाँद है वो,
मेरी रूह की पहचान है वो,
इस बेरंग सी दुनिया में
मेरी सबसे हसीन शाम है वो।

 
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5 महीने पहले

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